इन 3 लोगों को भूलकर भी न बताएं अपने गहरे राज, नहीं तो जिंदगी भर रहेंगे परेशान
महात्मा विदुर महाभारत महाकाव्य के प्रमुख पात्रों में से एक हैं. शक्तिशाली योद्धा न होने के बावजूद भी विदुर को उनकी नीतियों की वजह से याद किया जाता है. महात्मा विदुर की नीतियां जितना महाभारत काल में प्रासंगिक थी, उतनी ही आज के समय में भी प्रासंगिक हैं. उनकी नीतियां जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी हुई हैं, जो व्यक्ति इन नीतियों को अपने जीवन में अनुसरण करता है, वह जिंदगी की हर मुश्किलों का डटकर सामना करता है. साथ ही इंसान जीवन जीने की कला भी सीख जाता है. उनकी नीतियां इंसान को चतुराई के साथ जीवन जीने की बात सिखाती है. ऐसे में अगर इंसान को खुशहाल जिंदगी जीना है, तो भूलकर भी इन लोगों को अपने राज नहीं बताना चाहिए.
लालची स्वभाव के लोग
विदुर नीति के अनुसार, लालची इंसान को अपने राज कभी नहीं बताना चाहिए, क्योंकि लालची इंसान किसी का सगा नहीं होता है. अपने फायदे और लालच में पड़कर वह आपके राज को किसी अन्य से बताने में झिझकता नहीं है. वह आपके साथ छल करने में देर नहीं लगाएगा. ऐसे में इंसान को ध्यान में रखना चाहिए कि लालची स्वभाव वाले लोगों को उन बातों को नहीं बताना चाहिए, जिसका इस्तेमाल वह भविष्य में गलत तरीके से कर सके.
बातूनी लोग
विदुर नीति के मुताबिक, बातूनी लोग यानी जो हद से ज्यादा बात करने वाला इंसान होता है, उसे कभी अपने राज नहीं बताने चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग दूसरों की बातें सुनने का बड़ा शौक रखते हैं. साथ ही वह दूसरों के लिए गड्ढा खोदने में भी सबसे आगे रहते हैं. ऐसे में इन लोगों से दूरी बना के रखना ही सही होता है. बातूनी लोग दूसरों के राज बताने में ज्यादा आगे रहते हैं. ऐसे लोग भविष्य में आपकी बातों का फायदा उठाने का भी काम कर सकते हैं.
चालाक स्वभाव के लोग
महात्मा विदुर की नीतियों में बताया गया है कि चालाक व्यक्ति को अपने राज नहीं बताने चाहिए. चालाक व्यक्ति बहुत आसानी से दूसरों की बातों, भावनाओं और विचारों को सुनते हैं और उन बातों का अपने हित में इस्तेमाल भी करते हैं. ऐसे में इन लोगों को भूलकर भी अपने गहरे राज नहीं बताना चाहिए.