करोड़ों की बैंक धोखाधड़ी: सरकारी कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजों पर उठाए लोन

Update: 2026-01-25 02:51 GMT


​जयपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की आदर्श नगर शाखा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपए के गबन का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। इस धोखाधड़ी में एक दर्जन से अधिक सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है, जिन्होंने बैंक के साथ जालसाजी कर भारी-भरकम लोन पास करवाए।

​धोखाधड़ी का पूरा मामला

​पुलिस जांच और बैंक मैनेजर की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने 'एक्सप्रेस क्रेडिट ऑन सैलरी अकाउंट प्लान' का फायदा उठाते हुए इस वारदात को अंजाम दिया। साल 2023 से 2024 के बीच इन कर्मचारियों ने बैंक को गुमराह करने के लिए निम्नलिखित हथकंडे अपनाए:

​फर्जी पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट: आरोपियों ने एक से अधिक पैन कार्ड बनवाए और फर्जी बैंक स्टेटमेंट पेश किए।

​सैलरी स्लिप में हेराफेरी: अपनी सैलरी स्लिप को एडिट कर बैंक के सामने गलत आय दिखाई।

​सिबिल स्कोर से छेड़छाड़: गलत सिबिल रिपोर्ट के आधार पर खुद को बैंक के लिए विश्वसनीय दिखाया और प्रति व्यक्ति 8 से 15 लाख रुपए तक का लोन उठा लिया।

​ऐसे हुआ मामले का खुलासा

​जब लंबे समय तक लोन की किस्तें जमा नहीं हुईं और दो साल बीतने के बाद भी करोड़ों की राशि बकाया रही, तो बैंक प्रबंधन ने दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जो दस्तावेज दिए थे, वे पूरी तरह फर्जी थे।

​जब बैंक अधिकारियों ने बकाया भुगतान के लिए आरोपियों से संपर्क किया, तो कुछ आरोपियों ने भुगतान करने से साफ मना कर दिया और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

​इनके खिलाफ दर्ज हुई FIR

​शाखा प्रबंधक गौरव द्विवेदी की शिकायत पर मोतीडूंगरी थाने में जनवरी-2026 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:

​मदन लाल, ज्ञानचंद, जगदेव सिंह, प्रेम देवी, अमर सिंह, चेतन दास, मनोज कुमार गुप्ता, अनिल और धर्मचंद रैगर।

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