नगर निगम में पट्टा आवंटन फर्जीवाड़ा: मंत्री खर्रा का बड़ा एक्शन, 4 कार्मिक APO

Update: 2026-03-05 18:31 GMT


जयपुर । राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को अजमेर नगर निगम द्वारा नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने का मामला गूंजा। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि पिछले छह महीनों में जारी किए गए सभी पट्टों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। साथ ही, प्रारंभिक अनियमितताओं के आधार पर नगर निगम के चार कार्मिकों को तुरंत प्रभाव से एपीओ (Await Posting Orders) करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए घेरा

यह मामला निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान सामने आया। भाटी ने सदन में अजमेर नगर निगम में चल रहे पट्टा आवंटन के खेल और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के प्रयासों का मुद्दा उठाया था।

मंत्री खर्रा की विधानसभा में बड़ी घोषणाएं:

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए:

ADC स्तर पर होगी जांच: पिछले 6 महीनों में अजमेर नगर निगम द्वारा जारी किए गए सभी पट्टों की जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी।

4 कार्मिक APO, मुख्यालय जयपुर: जांच को निष्पक्ष रखने के लिए दोषी पाए गए चार कार्मिकों को एपीओ कर उनका मुख्यालय जयपुर तय किया गया है, ताकि वे अजमेर रहकर रिकॉर्ड या जांच को प्रभावित न कर सकें।

1971 में अवाप्त भूमि का मामला: मंत्री ने बताया कि ग्राम थोक तेलियान के खसरा नंबर 2227 से संबंधित भूमि को 1971 में ही नगर सुधार न्यास (अजमेर) द्वारा अवाप्त किया जा चुका था। इसके बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से पट्टे जारी किए गए।

सरकारी जमीन पर अवैध पट्टों का खेल

सदन में बताया गया कि जिस जमीन पर पट्टे जारी किए गए, वह राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पहले ही सरकार के खाते में आ चुकी थी। नियमों के विरुद्ध जाकर अधिकारियों ने भू-माफियाओं के साथ साठगांठ कर इन जमीनों पर मालिकाना हक देने के प्रयास किए, जिसे अब सरकार ने गंभीरता से लिया है।

Similar News