चित्तौड़गढ़ में हिंदुस्तान जिंक का 55वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह सम्पन्न, सुरक्षा को बताया आदत और जिम्मेदारी
चित्तौड़गढ़। हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा माह का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ निरीक्षक (कारखाना एवं बॉयलर) सूरज प्रकाश जांगिड़ ने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों और मशीनों से नहीं बल्कि लोगों की जागरूकता, भागीदारी और जिम्मेदारी से सुनिश्चित होती है। जब सभी कर्मचारी सुरक्षा नियमों को समझकर अपने कार्य में अपनाते हैं, तभी सुरक्षित वातावरण बनता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा कोई एक नियम नहीं बल्कि एक आदत और जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस कर्मचारियों और उद्योगों को लोगों की सुरक्षा, उनके समुदाय और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराता है। इस वर्ष की थीम “Engage, Educate and Empower People to Enhance Safety” पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को जोड़ना, शिक्षित करना और सशक्त बनाना ही सुरक्षा को मजबूत करने का मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम में चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के आईबीयू सीईओ आलोक रंजन ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में सुरक्षा और स्वास्थ्य की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसके सुरक्षित तरीकों पर विचार करने से शून्य दुर्घटना और शून्य क्षति का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मजदूर संघ के महामंत्री घनश्याम सिंह राणावत ने कर्मचारियों और अधिकारियों से सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। सुरक्षा प्रमुख बालचंद पाटीदार ने वर्षभर आयोजित सुरक्षा गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि उद्योग के साथ-साथ घर और सड़क सुरक्षा के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए गए।
सुरक्षा माह के दौरान सुरक्षा रैली, “रन फॉर सेफ्टी” मैराथन, कॉलोनी में जागरूकता कार्यक्रम, राजकीय विद्यालयों में प्रशिक्षण, पोस्टर प्रतियोगिता, सुरक्षा मॉडल प्रतियोगिता और ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया गया। विजेताओं को समापन समारोह में पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न टीमों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुरक्षा जागरूकता का संदेश भी दिया गया। समारोह में कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी, मजदूर संघ के प्रतिनिधि और बिजनेस पार्टनर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संचालन अभिषेक कोठारी ने किया।
