आध्यात्मिक, पर्यावरण और सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बनेगा कोटा - बिरला

Update: 2026-02-22 11:50 GMT

कोटा । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कोटा के पाटनपोल स्थित वल्लभ सम्प्रदाय की प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश जी मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण एवं अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कोटा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हैरिटेज वॉक में भी भाग लिया।

बिरला ने कहा कि  मथुराधीश जी मंदिर केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि हाड़ौती की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर के परिक्रमा मार्ग एवं अन्य विकास कार्यों की शुरुआत ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि मंदिर की प्राचीन गरिमा को सुरक्षित रखते हुए समय की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके।

18.24 करोड़ से प्रथम चरण का विकास

पाटनपोल में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में बिरला ने कहा कि मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण के अंतर्गत केडीए द्वारा 18.24 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। इसके पश्चात बिरला के नेतृत्व में गणमान्यजन हैरिटेज वॉक में शामिल हुए। हैरिटेज वॉक श्री मथुराधीश जी मंदिर से पाटनपोल होते हुए गढ़ पैलेस पहुँची, जहाँ साफा फेस्ट के अंतर्गत अतिथियों का साफा बांधकर स्वागत किया गया।

कैथूनीपोल से सेंट पॉल स्कूल तक लिंक सड़क

हैरिटेज वॉक के दौरान कैथूनीपोल थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने 9.82 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली कैथूनीपोल चौराहे से सेंट पॉल स्कूल तक लिंक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके बाद हैरिटेज वॉक श्रीपुरा, सब्जी मंडी और अग्रसेन बाजार होते हुए रामपुरा बाजार पहुँची, जहाँ पीपल चौक पर इसका समापन हुआ। इस दौरान उन्होंने 2.5 करोड़ रुपए की लागत से महात्मा गांधी विद्यालय, महारानी विद्यालय रामपुरा, घंटाघर और लक्खी बुर्ज पर फसाड लाइट इंस्टॉलेशन कार्य का भी शिलान्यास किया।

बिरला ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, उज्जैन, सोमनाथ और खाटू श्यामजी जैसे प्रमुख धामों का विकास हुआ है, उसी भावना से श्री मथुराधीश जी मंदिर को भी आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटा के पुराने बाजार, ऐतिहासिक गलियाँ और धरोहरें शहर की पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। मंदिर परिसर के भीतर होने वाले कार्य संतजनों और श्रद्धालुओं से संवाद के बाद ही किए जाएंगे, ताकि आस्था और परंपरा का सम्मान बना रहे।

बिरला ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के साथ रामगढ़ अभयारण्य और चंबल की जल-जंगल सफारी को भी विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कोटा को आध्यात्मिक, पर्यावरण और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और लाखों श्रद्धालु प्रमुख धामों पर पहुँच रहे हैं। ऐसे में कोटा को भी अपनी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार कोटा को बहुआयामी विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही है। आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर और अन्य परियोजनाएँ कोटा को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में स्थापित करेंगी।

विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर यहाँ के लोगों की वर्षों पुरानी मांग रही है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से आज यह मूर्त रूप ले रहा है। कॉरिडोर का निर्माण कोटा की आस्था और विरासत को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हाड़ौती की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करेगी। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ आसपास के क्षेत्र का सुनियोजित विकास स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

हैरिटेज वॉक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा संभाग के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, कोटा पैट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुमित सिंह बेदी सहित विभिन्न व्यापारिक एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। मार्ग पर कई स्वागत द्वार बनाए गए। कैथूनीपोल और रामपुरा बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

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