ईंटमारिया में विद्यालय बनवाने के लिये सात वर्ष नंगे पांव रहे पूर्व सरपंच पांडे

Update: 2026-01-24 16:24 GMT

ईंटमारिया,शाहपुरा|आज के समय में जहाँ संकल्प अक्सर कागजों तक सिमट कर रह जाते हैं, वहीं ईंटमारिया के पूर्व सरपंच कैलाश पांडे ने त्याग और समर्पण की एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिसे सुनकर हर किसी की आँखें नम हो गईं। शिक्षा के मंदिर (विद्यालय) के लिए पिछले 7 वर्षों से नंगे पैर रहने का अपना कठिन संकल्प उन्होंने वसंत पंचमी के पावन अवसर पर पूरा किया । 2019 में विद्यालय के एक आयोजन में सरपंच उपस्थित हुये तब उन्होंने वहाँ की व्यवस्था देखी जहाँ बच्चों को धूप में बैठना पड़ रहा, दीवारे जर्जर हो रही ,शौचालय की व्यवस्था भी ठीक नही थी ,छात्रों की संख्या के अनुसार कमरे नही थे । ऐसे हालात देखकर पांडे ने ग्रामवासियों के सामने यह कठोर प्रण लिया था कि "जब तक गांव के बच्चों के लिए नया विद्यालय बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक वे पैरों में जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।" तपती धूप, कड़ाके की ठंड और बरसात के कांटों भरे रास्तों पर वे सात साल तक लगातार नंगे पैर चलते रहे। जब गाँव मे राजकीय उच्च माध्यमिक का विशाल भवन तैयार हुआ,संकल्प पूर्ण होने पर गाँव मे पूर्व सरपंच का विशाल जुलूस निकाला तथा जगह जगह ग्रामीणों ने साफा तथा माला पहनाकर स्वागत किया । उसके पश्चात समस्त ग्रामवासियों की उपस्थिति में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने हाथों से सरपंच साहब को जैसे ही चप्पल पहनाई, वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आँखें भर आईं। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया।ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच साहब का यह त्याग केवल एक व्यक्तिगत प्रण नहीं था, बल्कि पूरे गांव के बच्चों के भविष्य को संवारने की एक तपस्या थी। आज जब विद्यालय बनकर तैयार है, तो यह ईंटमारिया के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है।पांडे ने कहा कि शिक्षा ही वह नींव है जिस पर बच्चों का उज्ज्वल भविष्य टिका होता है। मेरा संकल्प बच्चों की मुश्किलों को दूर करने के लिए था, आज विद्यालय देखकर मेरा जीवन धन्य हो गया । इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने समस्त ग्रामवासी।

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