शाहपुरा (मूलचन्द पेसवानी)। माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी बेस कैंप पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाले शाहपुरा के युवा पर्वतारोही आकाश लोढ़ा का मंगलवार को नगर में ऐतिहासिक स्वागत किया गया। जैसे ही आकाश शाहपुरा पहुंचे, पूरा शहर उत्सव में बदल गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, महिला मंडलों और युवाओं ने पुष्पमालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। खास बात यह रही कि स्वागत जुलूस में आकाश के साथ उनके माता-पिता भी खुली जीप में सवार रहे, जिनका भी नागरिकों ने सम्मानपूर्वक अभिवादन किया।
धरती देवरा वाटिका से शुरू हुआ यह सम्मान जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस त्रिमूर्ति स्मारक, रामनिवास धाम, बस स्टैंड होते हुए भीलवाड़ा रोड स्थित लोढ़ा हाउस तक पहुंचा। इस दौरान करीब 125 से अधिक स्थानों पर स्वागत-सत्कार किया गया। कहीं पुष्पवर्षा की गई तो कहीं ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति गीतों के बीच नारों से माहौल गूंज उठा। आकाश स्वयं रास्ते भर हाथ में तिरंगा लेकर लहराते रहे, जिससे लोगों का उत्साह और बढ़ गया। डीजे साउंड पर युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था।
जुलूस के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई, लेकिन इससे स्वागत में कोई कमी नहीं आई। छाते और रेनकोट के बीच भी लोग सड़क किनारे खड़े होकर आकाश का अभिनंदन करते रहे। कई जगहों पर युवाओं ने भीगते हुए तिरंगा लहराया और नारे लगाए। नागरिकों का कहना था कि मानो बारिश ने भी इस वीर सपूत का स्वागत किया हो। भीगते हुए चेहरों पर मुस्कान और गर्व साफ नजर आ रहा था।
आकाश के स्वागत में नगर के सभी वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। जैन समाज श्वेतांबर व दिगंबर, महिला मंडल, कांग्रेस पदाधिकारी, शाहपुरा श्याम सेवा समिति, भाजपा कार्यकर्ता, साहित्यकार, यंग स्पोर्ट्स क्लब सहित लगभग सभी सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर स्वागत किया। कई जगहों पर आकाश को दुपट्टा, पगड़ी, शॉल और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने स्वागत द्वार सजाए और घरों की छतों से पुष्पवर्षा की गई।
नगरवासियों ने कहा कि आकाश लोढ़ा की उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे शाहपुरा के लिए गौरव का विषय है। माइनस तापमान, ऑक्सीजन की कमी और कठिन ट्रैकिंग के बीच एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर तिरंगा फहराना साहस और संकल्प का प्रतीक है। उनकी यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और साहसिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाएगी।
जुलूस के दौरान आकाश भावुक नजर आए। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे शाहपुरा का है। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को ऊंचाइयों तक ले जाने और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। आकाश के माता-पिता ने भी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है कि उसने क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान जगह-जगह देशभक्ति के गीत बजते रहे। “भारत माता की जय” और “आकाश लोढ़ा जिंदाबाद” के नारों से शहर गूंजता रहा। छोटे बच्चे हाथों में तिरंगा लिए जुलूस के साथ चलते नजर आए। बुजुर्गों ने इसे शाहपुरा के इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताया।
शाहपुरा में आकाश लोढ़ा का यह स्वागत समारोह किसी पर्व से कम नहीं रहा। एवरेस्ट की बर्फीली ऊंचाइयों से लौटे इस युवा पर्वतारोही का अभिनंदन कर शाहपुरा ने यह संदेश दिया कि जो अपने शहर और देश का मान बढ़ाता है, उसका सम्मान पूरे दिल से किया जाता है। मंगलवार का दिन शाहपुरा के लिए यादगार बन गया, जब पूरे नगर ने एकजुट होकर अपने सपूत का स्वागत किया और उसे आशीर्वाद दिया।
