आपकी नौकरी पर तो नहीं हे खतरा!: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बदलती नौकरियां, आने वाले पांच साल में आठ सेक्टरों पर बड़ा खतरा

Update: 2026-01-22 06:46 GMT


तकनीक जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उसी रफ्तार से नौकरी की परिभाषा भी बदल रही है। कभी कंप्यूटर और इंटरनेट को सिर्फ सहायक माना जाता था, लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI खुद फैसले लेने और काम करने की स्थिति में पहुंच चुका है। यही वजह है कि दुनिया भर में रोजगार को लेकर नई चिंता उभर रही है। ताजा रिपोर्ट्स और तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले पांच वर्षों में AI कम से कम आठ बड़े सेक्टरों में इंसानी नौकरियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अगर समय रहते स्किल्स को अपडेट नहीं किया गया, तो AI सहायक नहीं बल्कि रोजगार के लिए खतरा बन सकता है।

HR और रिक्रूटमेंट सेक्टर

मानव संसाधन यानी HR को अब तक ऐसा क्षेत्र माना जाता था जहां इंसानी समझ और अनुभव की जरूरत होती है। लेकिन अब AI आधारित सॉफ्टवेयर रिज्यूमे स्कैनिंग, कैंडिडेट शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू शेड्यूलिंग जैसे काम तेजी से कर रहे हैं। IBM जैसी बड़ी कंपनियां पहले ही AI का उपयोग रिक्रूटमेंट में कर रही हैं। इससे आने वाले समय में पारंपरिक HR प्रोफेशनल्स की मांग घट सकती है और केवल हाई लेवल स्ट्रैटेजिक HR रोल ही बचेंगे।

ड्राइविंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर

सेल्फ ड्राइविंग कार, ट्रक और बसों पर दुनिया भर में काम चल रहा है। AI से लैस वाहन बिना ड्राइवर के सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल हो जाती है, तो टैक्सी ड्राइवर, ट्रक ड्राइवर और डिलीवरी ड्राइवरों की नौकरियों पर सीधा असर पड़ेगा। यह सेक्टर करोड़ों लोगों को रोजगार देता है, इसलिए इसका प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।

कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट

AI टूल्स जैसे GitHub Copilot और Gemini अब बेसिक से लेकर मिड लेवल तक की कोडिंग खुद कर सकते हैं। इससे खासतौर पर एंट्री लेवल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए खतरा बढ़ गया है। हालांकि एक्सपर्ट डेवलपर्स और आर्किटेक्ट्स की जरूरत बनी रहेगी, लेकिन शुरुआती स्तर की नौकरियां कम हो सकती हैं।

साइबर सिक्योरिटी सेक्टर

पहले जहां साइबर हमलों से निपटने के लिए बड़ी टीमों की जरूरत होती थी, अब AI आधारित सिस्टम खुद ही थ्रेट डिटेक्शन और रिस्पॉन्स करने लगे हैं। इससे मैनुअल साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट की भूमिका सीमित हो सकती है। भविष्य में केवल एडवांस लेवल साइबर एक्सपर्ट्स की ही मांग रहेगी।

पर्सनल असिस्टेंट और सेक्रेटरी

ईमेल मैनेजमेंट, मीटिंग शेड्यूल, रिमाइंडर और फाइल मैनेजमेंट जैसे काम अब वर्चुअल असिस्टेंट आसानी से कर रहे हैं। AI आधारित असिस्टेंट चौबीसों घंटे काम कर सकते हैं, जिससे इंसानी पर्सनल असिस्टेंट और सेक्रेटरी की जरूरत धीरे धीरे कम हो सकती है।

सेल्स और ई कॉमर्स सेक्टर

ई कॉमर्स कंपनियों में प्रोडक्ट लिस्टिंग, कस्टमर चैट सपोर्ट, ऑर्डर अपडेट और प्रमोशनल मैसेजिंग का बड़ा हिस्सा AI संभालने लगा है। चैटबॉट्स और ऑटोमेटेड सिस्टम के कारण सेल्स और कस्टमर सपोर्ट जॉब्स पर खतरा बढ़ रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो केवल रूटीन काम करते हैं।

रेस्टोरेंट और फूड सर्विस

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में भी AI और रोबोट्स की एंट्री हो चुकी है। ऑर्डर लेने से लेकर खाना परोसने और बिल जनरेट करने तक कई काम ऑटोमेट हो रहे हैं। भारत के कुछ शहरों से लेकर विदेशों तक यह ट्रेंड दिखने लगा है। इससे वेटर और सर्विस स्टाफ की नौकरियों पर असर पड़ सकता है।

सोशल मीडिया और कंटेंट मैनेजमेंट

सोशल मीडिया पोस्ट लिखना, शेड्यूल करना, एनालिटिक्स देखना और ब्रांड प्रमोशन जैसे काम अब AI टूल्स तेजी से कर रहे हैं। इससे कंटेंट राइटर्स और सोशल मीडिया मैनेजर्स की भूमिका सीमित हो सकती है। हालांकि क्रिएटिव और स्ट्रैटेजिक सोच रखने वालों के लिए मौके अभी भी बने रहेंगे।

कुल मिलाकर AI पूरी तरह से नौकरियां खत्म नहीं करेगा, लेकिन काम करने का तरीका जरूर बदल देगा। जो लोग समय रहते नई स्किल्स सीखेंगे और खुद को अपग्रेड करेंगे, वही इस बदलाव में टिक पाएंगे।

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