भीलवाड़ा में दिल दहला देने वाली वारदात, मां ने दो मासूम बच्चों की हत्या की, खुदकुशी का प्रयास
∇ भीलवाड़ा में मां की ममता हुई शर्मसार
∇ हथौड़े से सीने-गले में सरिया ठोक कर मां ने ली अपने ही मासूम बेटे-बेटी की जान
∇ खून से सने कमरे में तड़पते बच्चों को छोड़ खुद फांसी लगाने चली
भीलवाडा प्रेम कुमार। भीलवाड़ा जिले से सामने आई यह घटना इंसानियत, रिश्तों और ममता-तीनों को झकझोर देने वाली है। मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में एक मां ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही 6 वर्षीय बेटे और 10 वर्षीय बेटी को निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया। हथौड़े से बच्चों के सीने और गले में सरिया ठोक कर उन्हें तड़पता दिया गया। इसके बाद आरोपी महिला ने खुद भी फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया।इस दिल दहला देने वाली वारदात से गांव ही नहीं, पूरे जिले में सनसनी और मातम पसर गया।
सुबह तक हंसता-खेलता था घर, दोपहर तक छा गया सन्नाटा
मांडलगढ़ थाने के मानपुरा निवासी टेंट व्यवसायी राजू उर्फ राजकुमार तेली रविवार सुबह रोज़ की तरह काम पर निकल गए थे। उनके पिता खेत पर गए हुए थे। घर पर पत्नी संजू (30), बेटी नेहा (10) और बेटा भेरु (6) मौजूद थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि कुछ ही घंटों में यह घर शमशान सरीखी खामोशी में बदल जाएगा।
अंदर से बंद कमरा और खून से सनी हैवानियत
पति और ससुर के जाते ही संजू ने मकान के एक कमरे को अंदर से बंद कर लिया। कमरे में मासूम बच्चे मौजूद थे। इसके बाद उसने घर में पड़ा सरिया और हथौड़ाया और पहले बेटे फिर बेटी के सीने और गले में बेरहमी से वार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया।
अंदर से बंद कमरा और खून से सनी हैवानियत
पति और ससुर के जाते ही संजू ने मकान के एक कमरे को अंदर से बंद कर लिया। कमरे में मासूम बच्चे मौजूद थे। इसके बाद उसने घर में पड़ा सरिया और हथौड़ा उठाया और बेटे, बेटी के सीने और गले में बेरहमी से वार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया।कमरे में मासूमों की चीखें दम तोड़ती रहीं, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी।
बच्चों की हत्या के बाद ससुर को किया फोन
दोनों बच्चों की हत्या करने के बाद संजू ने अपने ससुर को फोन किया और कहा-"मैंने अपने बेटे-बेटी को मार दिया है... मुझे कैंसर है... अब मैं भी मरने जा रही हूं।"यह सुनते ही ससुर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत बेटे राजू को सूचना दी और दोनो भागते हुए घर पहुंचे।
दरवाजा तोड़ते ही सामने आया रूह कंपा देने वाला
घर पहुंचने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कुंडी तोड़कर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था।
फर्श पर खून से लथपथ मासूम बेटे-बेटी की लाशें और पास ही मां फांसी के फंदे से झूलने की कोशिश करती हुई। परिजनों ने तुरंत संजू को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
15 मिनट में पहुंची पुलिस, जांच शुरू
सूचना मिलते ही मांडलगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दोनों बच्चों के शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाए। पोस्टमार्टम के बाद 'रिजनों को सौंप दिए गए।
सहायक उप निरीक्षक राम सिंह ने बताया कि महिला के ससुर की रिपोर्ट पर पुलिस जांच में जुटी है।महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है और घटना के कारणों व मानसिक स्थिति की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि संजू की हालत में सुधार के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उसने किन कारणों के चलते यह कदम उठाया।
गांव में शोक, सवाल बरकरार
इस हृदय विदारक घटना के बाद मानपुरा गांव में मातम पसरा है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है-आखिर एक मां अपने ही मासूम बच्चों के साथ इतना अमानवीय कृत्य कैसे कर सकती है?
