खामेनेई की हुंकार: अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जंग में दुश्मन की हार, ईरान में एकजुटता,डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला
तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नौरोज और ईद-उल-फितर के अवसर पर देश के नाम संदेश देते हुए दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जारी संघर्ष में दुश्मन का आकलन पूरी तरह गलत साबित हुआ है।
खामेनेई ने कहा कि हमलों के बाद दुश्मन को उम्मीद थी कि ईरानी जनता सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाएगी, लेकिन इसके उलट पूरे देश में अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें भी डर और निराशा फैलने की आशंका थी, लेकिन जनता ने एकता दिखाकर दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
रणनीतिक ठिकानों पर निशाना: डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला
जंग की तपिश अब हिंद महासागर तक पहुँच गई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, दागी गई दो मिसाइलों में से एक तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी इंटरसेप्टर ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले पर फिलहाल व्हाइट हाउस या ब्रिटिश दूतावास ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इजराइल में मची अफरातफरी: लगातार मिसाइल हमले और एयर अलर्ट
दूसरी ओर, इजराइल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में तनाव चरम पर है। डेड सी के पश्चिमी इलाके और लेबनान सीमा से सटे क्षेत्रों में ईरान और हिजबुल्लाह द्वारा लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं। शुक्रवार को ईरान ने नौ चरणों में मिसाइल हमले किए। हालांकि, इजराइली रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन गिरते मलबे से कई इलाकों में नुकसान की खबरें हैं। पूरे देश में रुक-रुक कर एयर रेड सायरन गूंज रहे हैं।
तनाव के बीच ईरान में नौरोज और ईद का जश्न
युद्ध के साये के बीच ईरान में दोहरे उत्सव का माहौल है। इस साल फारसी नववर्ष 'नौरोज' और 'ईद-उल-फितर' एक साथ मनाए जा रहे हैं। मशहद शहर की पवित्र दरगाह सहित देश भर की मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी। सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, लोगों ने हमलों के खतरे को दरकिनार कर पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ नमाज अदा की और त्योहार मनाया।
तेल संकट: अमेरिका ने ईरान पर से हटाईं कुछ पाबंदियां
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान के कच्चे तेल पर लगी पाबंदियों को 30 दिनों के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया है। यह छूट केवल उन शिपमेंट पर लागू होगी जो पहले से रास्ते में हैं। माना जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव और तेल सप्लाई बाधित होने के डर से अमेरिका को यह नरम रुख अपनाना पड़ा है।
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