दो मासूमों की नृशंस हत्या का खौफनाक खुलासा-: आरोपित मां संजू गिरफ्तार, बोली-कैंसर के डर ने उसे बना दिया कातिल

Update: 2026-01-16 09:23 GMT

 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। भीलवाड़ा जिले के मानपुरा में इंसानियत, रिश्तों और ममता-तीनों को झकझोर देने वाली सनसनीखेज घटना को अंजाम देते हुये मासूम बेटे-बेटी की सीने व गले में हथौड़े से सरिये ठोककर हत्या करने वाली संजू 30 पत्नी राजू उर्फ राजकुमार तेली को मांडलगढ़ पुलिस गिरफ्तार कर लिया। कत्ल की आरोपित संजू ने पूरा घटनाक्रम पुलिस पूछताछ में उगल दिया। संजू ने बच्चों के कत्ल की वजह खुद को कैंसर बताया है, लेकिन खास बात यह है कि संजू को कैंसर है या नहीं, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि बच्चों को मारने के बाद खुद को फांसी लगाने वाली संजू का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था, जिसे गुरुवार शाम को डिस्चार्ज किया गया था। शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

11 जनवरी को हुई थी वारदात

मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम सिंह मीणा ने बीएचएन को बताया कि मानपुरा निवासी टेंट व्यवसायी राजू उर्फ राजकुमार तेली 11 जनवरी रविवार सुबह रोज़ाना की तरह काम पर निकल गए थे। उनके पिता खेत पर गए हुए थे। घर पर पत्नी संजू (30), बेटी नेहा (10) और बेटा भेरु (6) मौजूद थे। पति और ससुर के जाने के बाद संजू ने मकान के एक कमरे को अंदर से बंद कर बेटी नेहा व बेटे को मौत की नींद सुला दिया।

पहले रस्सी से गला घोंटा, फिर हथौड़े और सरियों से कुचला शरीर

संजू ने पुलिस को बताया कि उसने पहले बेटी नेहा का रस्सी से गला घोंटा। मासूम तड़पती रही, लेकिन मां का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद छह साल के बेटे भेरू को भी उसी तरह मौत के हवाले कर दिया। यहीं भी उसकी क्रूरता नहीं रुकी। उसने हथौड़ा उठाया और दोनों बच्चों के सीने और गले में लोहे के सरिये ठोक दिए, ताकि कोई सांस बाकी न बचे।

कत्ल के बाद फोन, बोली मैंने बच्चों को मार दिया

खूनी खेल खत्म करने के बाद संजू ने अपने ससुर को फोन किया और बेहद ठंडे लहजे में कहा कि मैंने अपने बेटे बेटी को मार दिया है। मुझे कैंसर है और अब मैं भी मरने जा रही हूं। यह सुनते ही परिवार में हडक़ंप मच गया।

खुद भी मरने की कोशिश, लेकिन बच गई

फोन के बाद संजू ने उसी रस्सी से फांसी लगाने की कोशिश की। तभी पति और ससुर घर पहुंचे और उसे बचा लिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कैंसर का दावा, लेकिन सच्चाई कुछ और

पुलिस पूछताछ में संजू बार बार यही कहती रही कि उसे मुंह में कैंसर है और मौत का डर सता रहा था। उसे आशंका थी कि उसकी मौत के बाद बच्चे दर दर भटकेंगे, इसलिए उसने उन्हें पहले ही मार दिया। लेकिन अब तक की मेडिकल जांच में उसके कैंसर की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया से उपजा मौत का भ्रम

जांच में सामने आया कि संजू के मुंह में लंबे समय से छाले थे। इलाज के बावजूद जब आराम नहीं मिला, तो वह सोशल मीडिया पर बीमारी से जुड़ी जानकारी देखने लगी। वहीं से उसके मन में यह भ्रम बैठ गया कि लंबे समय तक छाले रहने से कैंसर हो सकता है। इसी डर ने धीरे धीरे उसके दिमाग को जहर बना दिया।

इलाज की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले बहा खून

वारदात से एक दिन पहले ही परिवार ने तय किया था कि सोमवार को संजू को जांच के लिए अहमदाबाद ले जाया जाएगा। भाई भाभी भी उससे मिलने आए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि इलाज से पहले ही वह अपने ही बच्चों की जिंदगी खत्म कर देगी।

पुलिस ने कराया मौका मुआयना, हर एंगल से जांच

मांडलगढ़ पुलिस ने आरोपी संजू से वारदात स्थल की मौका तस्दीक करवाई है। यह खुलासा सिर्फ एक मां के अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि डर, भ्रम और गलत जानकारी इंसान को किस हद तक अमानवीय बना सकती है।

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