राजस्थान हाईकोर्ट का अनोखा फैसला: गलत काम करेंगे सरकारी कर्मचारी तो जेल नहीं… करनी होगी झाड़ू–पोछा, पौधे लगाकर काटनी पड़ेगी सजा
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जयपुर।
राजस्थान में अब सरकारी कर्मचारियों के गलत कामों पर सिर्फ फाइलों या कोर्टरूम में नहीं, बल्कि **साफ-सफाई और पौधारोपण से सजा पूरी करनी होगी।** हाईकोर्ट ने तय कर दिया है कि भ्रष्टाचार, सार्वजनिक दुर्व्यवहार, मानहानि, छोटी चोरी, आत्महत्या का प्रयास या न्यायालय की अवमानना जैसे मामलों में कर्मचारियों को **जेल के बजाय सामुदायिक सेवा** करनी होगी।
क्या है नई सजा?
* सरकारी, सार्वजनिक या धार्मिक स्थलों पर झाड़ू लगाना 🧹
* अनाथालय, आश्रम में सेवा करना
* पेड़ लगाना और पौधों को पानी देना 🌱💧
* अस्पतालों, थानों और वाचनालयों की सफाई
👉 सजा की अवधि **1 से 31 दिन या 8 से 244 घंटे** तय होगी।
जेल का विकल्प या अतिरिक्त सजा
राज्य सरकार के गृह विभाग के अनुसार, यह सजा जेल की जगह दी जा सकती है या जेल के साथ अतिरिक्त भी हो सकती है। इसमें आरोपित कर्मचारी को **बिना वेतन के समाजहित में काम करना होगा।**
किन मामलों में मिलेगी हल्की सजा?
* शराब पीकर उत्पात मचाना
* सार्वजनिक जगह पर दुर्व्यवहार
👉 इसके लिए अधिकतम **24 घंटे कैद** या **1,000 रुपए जुर्माना** तय किया गया है।
