बड़ा फैसला:: जल जीवन मिशन अब 2028 तक, केंद्र सरकार देगी 1.51 लाख करोड़ का अतिरिक्त बजट

Update: 2026-03-10 17:56 GMT

नयी दिल्ली  मंत्रिमंडल ने केंद्र की ओर से 1.51 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन के प्रस्ताव के साथ जल जीवन मिशन (जेजेएम) कार्यक्रम को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है जिसमें जेजेएम 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में बुनियादी सुधार कर इसे पेयजल वितरण सेवा पर केंद्रित किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के इस निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि संरचनात्मक सुधारों के साथ जेजेएम को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने इस कार्यक्रम पर कुल परिव्यय को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है, जिसमें कुल केंद्रीय सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2019-20 में इसके लिए केंद्र की ओर से 2.08 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये थे। इस तरह केंद्र ने अपनी ओर से इसमे अब 1.51 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की है।उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यान्वयन को अब बुनियादी ढांचे के निर्माण की जगह सेवा वितरण की ओर मोड़ने की बात कही है। इसके तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था और गावों में पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा समर्थित किया जाएगा।आज के निर्णय के अनुसार जेजेएम के लिए अब एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा "सुजलम भारत" स्थापित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक गांव को एक विशिष्ट सुजल गांव अथवा सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की जाएगी। यह आईडी स्रोत से नल तक संपूर्ण पेयजल आपूर्ति प्रणाली का डिजिटल मानचित्रण करेगी।इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए , "जल अर्पण" के माध्यम से योजनाओं के शुभारंभ और औपचारिक हस्तांतरण में ग्राम पंचायतों और पशु एवं जल आपूर्ति समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा कहा गया है कि ग्राम पंचायत राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त संचालन एवं रखरखाव तंत्र स्थापित किए जाने की पुष्टि होने पर ही कार्यों के पूर्ण होने का प्रमाण पत्र जारी करेगी और स्वयं को "हर घर जल" घोषित करेगी। सामुदायिक स्वामित्व और भागीदारी को परिचालन दक्षता और जल स्रोत की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए, यह कार्यक्रम "जल उत्सव" को एक वार्षिक, 

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