सम्मेद शिखर जी यात्रा अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ी, भीलवाड़ा से गए लगभग एक हजार यात्रियों ने झेली गंभीर परेशानियां
भीलवाड़ा
भीलवाड़ा से जैन संगठन JITO के नाम पर विशेष ट्रेन द्वारा आयोजित सम्मेद शिखर जी तीर्थ यात्रा यात्रियों के लिए श्रद्धा की जगह परेशानी का कारण बन गई। धार्मिक आस्था से निकले लगभग एक हजार यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान अव्यवस्था, कुप्रबंधन और आयोजकीय लापरवाही का सामना करना पड़ा। बच्चे, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हुए।
सूचना व्यवस्था रही कमजोर
यात्रा के लिए व्हाट्सएप ग्रुप तो बनाया गया, लेकिन आवश्यक सूचनाएं समय पर साझा नहीं की गईं। इससे यात्रियों में प्रतिदिन भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी रही।
शुल्क और जवाबदेही पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि किसी को भी यात्रा शुल्क की रसीद या बिल नहीं दिया गया। समस्त अव्यवस्थाओं के बावजूद लिया गया शुल्क न तो धार्मिक यात्रा के अनुरूप था और न ही JITO जैसी संस्था की छवि के अनुकूल।
जांच और रिफंड की मांग
पीड़ित यात्रियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और यात्रा शुल्क की पूर्ण वापसी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे विधिक और संस्थागत कदम उठाने को मजबूर होंगे।