गौ-माता केवल हमारी आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य की धुरी - कलेक्टर

Update: 2026-04-02 12:37 GMT

 ​भीलवाड़ा   । परम पूज्य माधव गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से संचालित माधव गोशाला में जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने पहुँचकर विभिन्न सेवा प्रकल्पों का जायजा लिया। संध्या बेला में गौशाला परिसर पहुँचने पर कलेक्टर संधू ने सबसे पहले कामधेनु स्वरूप गौ-माता के दर्शन किए और पूरी श्रद्धा के साथ उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा परिसर 'गौ-माता की जय' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई, संस्थान के अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल, सचिव सत्यप्रकाश गग्गड़ , कोषाध्यक्ष हेमंत शर्मा, रविंद्र जाजू, मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कलेक्टर का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें संस्थान द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक अनुसंधान, पंचगव्य उत्पादों एवं बेसहारा गौ-वंश के संरक्षण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर संधू ने कहा कि "गौ-माता केवल हमारी आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य की धुरी हैं।" उन्होंने संस्थान की स्वच्छता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए 'गावो विश्वस्य मातरः' के ध्येय वाक्य को रेखांकित किया। उन्होंने गौ-सेवा के तीन मुख्य स्तंभों— करुणा, विज्ञान और समृद्धि पर जोर देते हुए बताया कि किस प्रकार गौ-तत्वों का उपयोग कर रसायन मुक्त खेती और असाध्य रोगों का उपचार संभव है। कलेक्टर ने आह्वान किया कि संघ के इस शताब्दी वर्ष में प्रत्येक नागरिक को दैनिक जीवन में गौ-संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने प्रशासन की ओर से चरागाह भूमि को सुरक्षित रखने और गौशालाओं को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, प्रबुद्ध नागरिक और गौ-भक्त उपस्थित रहे। यह महोत्सव जहाँ एक ओर गौ-सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

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