धर्म शास्त्रों में मृत्यु भोज निषेध, व्यास श्यामपुरा ने लोगों को दी चेतावनी
श्यामपुरा। धर्म शास्त्रों और संविधान में मृत्यु भोज निषेधित होने के बावजूद कुछ लोग इसे करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यास श्यामपुरा ने स्पष्ट किया कि शास्त्रों में मृत्यु भोज का कहीं कोई प्रमाण नहीं है। केवल तेरहवीं के दिन अपने परिवारजन के लिए साधारण भोजन करने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि आजकल लोग माता-पिता के निधन पर चारभुजा प्रसादी और भव्य भोजन का आयोजन कर रहे हैं, जिसे वे खुशियों का अवसर समझकर दूसरों को भी भेज रहे हैं। व्यास ने इसे दुखद और अनावश्यक आडंबर बताया और कहा कि इसे बंद करना चाहिए।
उन्होंने सभी जातियों और समुदायों में संदेश फैलाने का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि कोई शास्त्र में मृत्यु भोज का विधान साबित कर दे, तो वे कथा वाचन करना छोड़ देंगे। व्यास ने यह भी कहा कि केवल पैसे वाले लोग इसे करते हैं और अपने अभिमान के लिए इसे धर्मार्थ के बजाय दिखावा बनाते हैं। उनका कहना है कि पैसा हो तो उसे धर्मार्थ कार्यों में लगाया जाए, न कि अनावश्यक भव्य मृत्यु भोज में।