जसवंतपुरा जीएसएस पर लापरवाही का तांडव: ताले में कैद ग्रेड, नदारद कर्मचारी और जोखिम में किसानों की जान

Update: 2026-03-30 08:03 GMT

बेरां (भेरुलाल गुर्जर)। अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीन बनेड़ा उपखंड के जसवंतपुरा जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) पर ठेका कर्मियों की घोर लापरवाही और मनमर्जी का मामला सामने आया है। सरकारी नियमों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर यहाँ तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी से पूरी तरह नदारद हैं, जिससे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था राम भरोसे चल रही है।

ड्यूटी छोड़ निजी कामों में व्यस्त कर्मचारी

जसवंतपुरा ग्रेड पर तीन कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन मौके की स्थिति बेहद चौंकाने वाली है।

छोटू लाल गुर्जर: ड्यूटी के बजाय अपने गांव में विराजमान हैं।

प्रहलाद तेली: कल की ड्यूटी पूरी कर घर जा चुके हैं।

नारायण लाल माली: ग्रिड संभालने के बजाय मंडी में बैंगन बेचने गए हुए हैं।

हैरानी की बात यह है कि ग्रिड पर ताला लटका हुआ है और एक भी जिम्मेदार व्यक्ति वहां मौजूद नहीं है।

किसानों का फूटा गुस्सा, नियमों की धज्जियां

किसानों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति का प्रावधान है, लेकिन सुबह के 11 बजने के बाद भी लाइन चालू नहीं की गई। जब संवाददाता ने इन कर्मचारियों को फोन किया, तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए। अक्सर 'बिजली फाल्ट' का बहाना बनाकर ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी से पल्ला झाड़ लेते हैं और आराम फरमाते हैं।

सुरक्षा के साथ खिलवाड़: अनजान लोगों से चलवा रहे लाइन

सबसे गंभीर मुद्दा सुरक्षा का है। आरोप है कि ये कर्मचारी खुद मौके पर न रहकर फोन के जरिए किसी भी अनजान व्यक्ति को ग्रिड से लाइन चालू करने के निर्देश दे देते हैं। बिजली का काम अत्यंत जोखिम भरा होता है, जिसमें आईटीआई प्रशिक्षित और सुरक्षा उपकरणों से लैस व्यक्ति की आवश्यकता होती है। यदि किसी अनजान व्यक्ति के साथ कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार

ग्रिड को खिलौना समझने वाले इन ठेका कर्मियों की कार्यशैली से ग्रामीणों और किसानों में भारी रोष है। क्या ठेकेदार को इस अव्यवस्था की जानकारी है? या विभाग के उच्च अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? जसवंतपुरा ग्रिड की इस बदहाली पर तुरंत संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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