शीतला अष्टमी 11 मार्च को, घरों में नहीं जलेगा चूल्हा : कल होगा ‘रांधा-पुआ’
भीलवाड़ा। शीतला अष्टमी का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा. कल ‘रांधा-पुआ’ होगा. एक दिन पहले माता के भोग का भोजन बनता है. माता शीतला की पूजा को शीतला अष्टमी समर्पित है. होली के बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ये पर्व मनाया जाता है. कई जगहों पर बसौड़ा या बसोड़ा के नाम से भी ये पर्व प्रसिद्ध है.
हिंदू परंपरा में शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है. परिवार में सुख-शांति और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए इस पर्व को मनाया जाता है. शीतला अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता है. एक दिन पहले बना ठंडा भोजन माता शीतला को भोग लगाया जाता है.