राजस्थान उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक आदेश: पुलिस द्वारा अपमानजनक व्यवहार पर रोक

Update: 2026-01-21 09:48 GMT

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों या संदिग्धों के साथ होने वाले अपमानजनक व्यवहार को लेकर एक ऐतिहासिक आदेश (दिनांक 20.01.2026) पारित किया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को अर्धनग्न अवस्था में बैठाना, अपमानजनक स्थिति में फोटो/वीडियो लेना या उन्हें सार्वजनिक करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। इस आदेश के बाद अब आम नागरिक पुलिस के अनुचित व्यवहार के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल सकते हैं।

एस.बी. क्रिमिनल रिट पिटीशन संख्या 224/2026 में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया पुलिस द्वारा प्रेस नोट के साथ अपराधियों की अपमानजनक तस्वीरें साझा करना या उन्हें जलील करना अवैध है। इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होना सुनिश्चित हो गई है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह शिकायत भविष्य में अवमानना या नई याचिका दायर करने के लिए ठोस प्रमाण बनेगी। यह कदम न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाएगा, बल्कि पुलिस प्रशासन में सुधार और मानवाधिकारों की रक्षा की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

पीड़ित अब लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं

यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार के साथ पुलिस कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित घटनाएं हुई हैं, तो वे अब औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

गिरफ्तारी के बाद फोटो या वीडियो सार्वजनिक करना।

थाने में कपड़े उतरवाना या अपमानजनक स्थिति में बैठाना।

सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में मर्यादा के विरुद्ध तस्वीरें साझा करना।

शिकायत भेजने की प्रक्रिया और प्रारूप

कानूनी जानकारों ने जनहित में एक सरल प्रारूप साझा किया है, जिसके माध्यम से पीड़ित अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। मुख्य शिकायत पुलिस महानिदेशक राजस्थान को रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट से भेजें। इसकी एक प्रति संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को और एक सूचना प्रति रजिस्ट्रार जनरल, राजस्थान उच्च न्यायालय को भेजनी चाहिए।

शिकायत में घटना की तारीख, समय, थाने का नाम और संबंधित अधिकारियों के व्यवहार का पूरा विवरण होना चाहिए। साथ ही, प्रार्थना में फोटो/वीडियो को इंटरनेट से हटवाने और दोषी अधिकारियों पर विभागीय जांच की मांग की जानी चाहिए।

Similar News