भीलवाड़ा में आवारा श्वानों के खिलाफ नगर निगम ने विशेष अभियान चलाया

Update: 2026-01-21 09:43 GMT

भीलवाड़ा। शहर में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाली आमजन की परेशानियों को देखते हुए भीलवाड़ा नगर निगम अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को शहर के गांधीनगर क्षेत्र में श्वानों को पकड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान निगम की टीम ने जाल की सहायता से कई आवारा श्वानों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा।

बुधवार सुबह नगर निगम की टीम आवश्यक उपकरणों, जालों और वाहनों के साथ गांधीनगर स्थित होटल रणबंका (पुरानी आरटीओ रोड) के समीप पहुंची। यहां आवारा श्वानों के झुंड के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। टीम के सदस्यों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक-एक कर श्वानों को जाल में फंसाया और उन्हें निगम के विशेष वाहन में लोड किया।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई डॉग बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आवारा श्वानों की आबादी को नियंत्रित करना है। पकड़े गए श्वानों को निर्धारित केंद्रों पर ले जाया जाता है, विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों द्वारा उनका वंध्याकरण किया जाता है और उन्हें रेबीज के टीके लगाए जाते हैं। स्वस्थ होने के बाद उन्हें वापस उन्हीं स्थानों पर छोड़ दिया जाता है, जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था।

गौरतलब है कि भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार आवारा श्वानों के आतंक की शिकायतें मिल रही थीं। श्वानों के काटने के डर से बच्चों और बुजुर्गों का शाम के समय बाहर निकलना दूभर हो गया था। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि नसबंदी होने से श्वानों के व्यवहार में आक्रामकता कम होती है और आने वाले समय में उनकी संख्या पर भी नियंत्रण रहेगा।

नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि अभियान के दौरान टीम का सहयोग करें। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसमें श्वानों के प्रति कोई कष्ट न पहुँचाते हुए केवल उनकी संख्या नियंत्रण पर ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के अन्य वार्डों और व्यस्त बाजारों में भी निरंतर जारी रहेगा।

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