खजूरी में पंचायत शिविरों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, सूचना के अभाव और दूर आयोजन पर उठे सवाल
खजूरी (अक्षय पारीक)। खजूरी उप तहसील मुख्यालय की पंचायत द्वारा आयोजित किए जा रहे शिविरों को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाकरा चौराहे पर स्थित विद्यालय परिसर में घुमंतू एवं अर्धघुमंतू समाज के लिए आयोजित शिविर की न तो पंचायत द्वारा कोई सूचना दी गई और न ही इसका प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे अधिकांश लोग शिविर तक पहुंच ही नहीं सके।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा हर बार शिविर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर आयोजित किए जाते हैं, जिससे आमजन वहां नहीं पहुंच पाते। इससे पहले 23 दिसंबर को आयोजित समस्या समाधान शिविर में भी यही स्थिति रही थी, जिसकी शिकायत और खबर प्रकाशन के बावजूद पंचायत अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में सभी शिविर बस स्टैंड स्थित विद्यालय परिसर में लगाए जाते थे, जहां गांव के अधिकतर लोग आसानी से पहुंच जाते थे। अब कर्मचारियों की उदासीनता के चलते शिविर गांव से दूर लगाए जा रहे हैं और इसकी सूचना भी ग्रामीणों को नहीं दी जाती। आरोप है कि अधिकारी केवल खानापूर्ति कर शिविर आयोजित कर लौट जाते हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि शिविर गांव के बीच लगाए जाएं तो अधिकारियों को आमजन के कार्य करने पड़ते हैं, जबकि गांव से बाहर शिविर लगने से वे जिम्मेदारी से बच जाते हैं। इससे राज्य सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है और आम जनता को किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि आगे से सभी शिविर बस स्टैंड स्थित विद्यालय परिसर में ही आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और सरकारी योजनाओं का सही उद्देश्य पूरा हो सके।
