मां और बीवी को मारा..: फिर दोनों की खोपड़ी से खाया मांस, छत से फेंके टुकड़े, सिकंदर की दरिंदगी देख कांपे लोग
भारत हलचल। कुशीनगर के अहिरौली बाजार थाना इलाके के परसा गांव के रहने वाले 30 साल के सिकंदर की हैवानियत को जिसने भी देखा और उसके बारे में सुना उनके रोंगटे खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह करीब आठ बजे घर की छत पर अलाव के पास बैठी मां रूना देवी और पत्नी प्रियंका की बेरहमी से हत्या के बाद सिकंदर उनकी खोपड़ी का मांस नोचकर खा रहा था।
बीच-बीच में वह मांस के कुछ टुकड़े नीचे फेंक रहा था। यह देख ग्रामीणों को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद हत्या का मामला सामने आया। हालांकि पुलिस मांस खाने की बात से इन्कार कर रही है।
पड़ोसियों को नहीं लगी हत्या की भनक...
रोज की तरह सोमवार की सुबह भी पत्नी और मां छत पर अलाव के पास बैठी थीं। वहीं नशे की हालत में सिकंदर पहुंचा। शराब पीने का पत्नी ने विरोध किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। इसी गुस्से में सिकंदर ने छत पर रखे पत्थर के टुकड़े को उठाकर प्रियंका के सिर पर पीछे से वार कर दिया। मां बीच बचाव करने गई तो उनके सिर पर भी उसी पत्थर से हमला कर दिया। दोनों के अचेत होने के बाद सिर को कूंच दिया। करीब डेढ़ घंटे तक वह छत पर तांडव मचाता रहा और इसकी भनक तक पड़ोसियों को नहीं लगी।
दो घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया...
दिन में करीब 9.30 बजे छत से मांस का टुकड़ा घर के पास सड़क पर फेंकने लगा। उधर से गुजर रहे लोग मांस का टुकड़ा देख रुक गए और रूना, सिकंदर को आवाज देने लगे। घर के अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर कुछ युवकों ने छत पर चढ़ने का प्रयास किया तो सिकंदर उन पर से ईंट चलाने लगा।
'मांस का टुकड़ा खा रहा था सिकंदर'
लोगों ने बताया कि छत पर बैठकर सिकंदर मांस का टुकड़ा खा रहा था और इधर-उधर फेंक रहा था। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से उसे दबोच लिया। उसके दोनों हाथ खून से सने थे। सिकंदर का चेहरा भावशून्य था, जैसे उसे अपनी करतूत पर कोई पछतावा ही नहीं था। पुलिस जब उसे थाने ले जाने लगी तो वह पुलिस वालों पर बार-बार थूक रहा था लेकिन दरवाजे पर मौजूद लोगों से आंख नहीं मिला रहा था। जिस पत्थर के टुकड़े से उसने हत्या की, पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया है।
नशे की लत, बच्चे न होने से परिवार में था मनमुटाव
परसा गांव के कुछ लोगों ने बताया कि सिकंदर की शादी के चार साल बाद भी कोई औलाद नहीं थी। इसको लेकर परिवार में तनाव था। नशे की लत भी परिवार में कलह का कारण बनी। मां भी सिकंदर की आदतों से परेशान थी। बहू की गोद सूनी थी इसके लिए गांव के आस-पास झाड़-फूंक और मंदिरों तक दौड़ लगाती थी। सिकंदर के पास न तो कोई ठोस रोजगार था और न ही परिवार का ख्याल रखता था। इससे घरवाले भी आहत थे।
