चंद्रग्रहण भारत में रात 8:58 बजे शुरू होगा और देर रात 1:26 बजे समाप्त होगा, जो कुल 82 मिनट तक दिखाई देगा। यह खगोलीय घटना देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने पर देखी जा सकेगी। सूतक काल, जो हिंदू मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पहले शुरू होता है, आमतौर पर चंद्रग्रहण के लिए 9 घंटे पहले शुरू होता है, यानी इस मामले में दोपहर 11:58 बजे से। हालांकि, यह सूतक काल क्षेत्र और पंचांग के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें:
खगोलीय अवलोकन: यदि आप खगोल विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो टेलीस्कोप या नंगी आंखों से ग्रहण का आनंद लें। यह एक सुरक्षित घटना है, क्योंकि चंद्रग्रहण को देखने के लिए सूर्यग्रहण जैसे विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती।
ध्यान और अध्यात्म: कई लोग इस समय को ध्यान, जप, या पूजा के लिए शुभ मानते हैं। घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
वैज्ञानिक जानकारी जुटाएं: बच्चों और परिवार के साथ ग्रहण के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करें, जैसे यह क्यों और कैसे होता है।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या न करें:
धार्मिक मान्यताएं: हिंदू परंपरा में सूतक काल के दौरान मंदिरों में पूजा, नए कार्य शुरू करना, या भोजन पकाना-खाना वर्जित माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जैसे तेज वस्तुओं का उपयोग न करना।
अंधविश्वासों से बचें: ग्रहण को लेकर कई मिथक प्रचलित हैं, जैसे कि इसका नकारात्मक प्रभाव। इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है।
भोजन से परहेज: सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन तैयार कर लें, क्योंकि इस दौरान भोजन बनाना या खाना अशुभ माना जाता है।
अतिरिक्त जानकारी:
यह चंद्रग्रहण पूर्ण या आंशिक हो सकता है (लेख में यह स्पष्ट नहीं है), लेकिन भारत में दिखाई देने के कारण यह खास है।
ग्रहण का समय और दृश्यता क्षेत्र के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या खगोलीय जानकारी की जांच करें।
मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण है, इसलिए साफ आसमान होने पर ही ग्रहण स्पष्ट दिखेगा।
