आपात स्थिति से निपटने के लिए हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया प्लांट में लेवल-3 मॉक ड्रिल

Update: 2026-02-23 09:47 GMT

चित्तौड़गढ़। हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सोमवार सुबह 'हाइड्रो-2 रोस्टर प्लांट' में SO2 (सल्फर डाइऑक्साइड) गैस लीकेज की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। जिंक प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए। मुस्तैदी से स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद जब पता चला कि यह एक 'मॉक ड्रिल' थी, तब सभी ने राहत की सांस ली।

NDMA के दिशा-निर्देशों पर हुई ड्रिल भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के तहत चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में यह 'लेवल-3 आपातकालीन प्रतिक्रिया (Emergency Response) मॉक ड्रिल' आयोजित की गई। सुबह 11:01 बजे हाइड्रो-2 रोस्टर प्लांट के एचजीपी आउटलेट डक्ट एरिया में गैस लीकेज की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद जिंक प्रशासन की फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

प्रशासन को दी गई सूचना, पड़ोसी उद्योगों से मांगी मदद घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर आलोक रंजन और जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी को तत्काल स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही, आस-पास के उद्योगों—बिड़ला सीमेंट वर्क्स और आईओसीएल (IOCL) जालमपुरा से भी मदद मांगी गई। मॉक ड्रिल के तहत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया तथा प्लांट में उपलब्ध फायर हाइड्रेंट सिस्टम व फायर ब्रिगेड की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

कंट्रोल रूम से की गई निगरानी चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के लोकेशन हेड और 'साइट इमरजेंसी कंट्रोलर' आलोक रंजन ने कंट्रोल रूम से पूरी स्थिति की निगरानी की और सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर हिंदुस्तान जिंक के सेफ्टी हेड बालचंद पाटीदार और 'इंसिडेंट कंट्रोलर' के. महेश कन्नन ने स्थिति को काबू में करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया।

बाहरी सहायता पहुंचने से पहले ही पाया काबू बाहरी सहायता पहुंचने से पहले ही जिंक प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया था। सूचना पर वरिष्ठ कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षक सूरज प्रकाश जांगिड़, गंगरार थानाधिकारी, पुलिस कंट्रोल रूम का जाब्ता, चंदेरिया व चित्तौड़गढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। इसके अलावा, श्री सांवलिया जी सामान्य चिकित्सालय की एंबुलेंस, बिड़ला सीमेंट की दमकल, 108 एंबुलेंस, गंगरार एंबुलेंस, चित्तौड़गढ़ अग्निशमन और जीआरपी ने पहुंचकर सुरक्षा बंदोबस्त में अहम भूमिका निभाई। उपस्थित अधिकारियों ने इस मॉक ड्रिल को बेहद सफल और सराहनीय बताते हुए किसी भी वास्तविक आपदा में ऐसी ही तत्परता दिखाने के निर्देश दिए।

इनकी रही उपस्थिति इस मॉक ड्रिल के दौरान आईओसीएल के उप-प्रबंधक (सुरक्षा) अंकित कुल्हारी, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर से पुष्पेंद्र मीणा, रवींद्र चौहान, भेरूलाल जाट और सुभाष चंद्र बडासरा मौजूद रहे। वहीं, सेफ्टी विभाग से अभिषेक कोठारी, विनय, शुभम साहू, उषा शर्मा तथा सिक्योरिटी विभाग से जी. मल्लेश्म, प्रियंका, देवराज सिंह चुंडावत और ऐश्वर्या पालीवाल भी उपस्थित रहे।

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