आमेट। उपखंड क्षेत्र के लिकी गांव में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से 10 वर्षीय जितेंद्र सिंह रावत की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बच्चे के पिता का नाम कैलाश सिंह रावत है। घटना के समय जितेंद्र खेत से अपने घर लौट रहा था, तभी अत्यधिक नीचे झूल रही विद्युत लाइन की चपेट में आने से उसे करंट लगा।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और विद्युत विभाग को सूचित किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के लगभग दो घंटे बाद भी विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा, जिससे आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने मृतक का शव उप जिला अस्पताल आमेट मॉर्च्युरी पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की बिजली लाइनें लंबे समय से जर्जर हैं और कई तार जमीन के संपर्क में हैं। विभाग द्वारा समय रहते सुधार कार्य नहीं किए जाने से यह हादसा हुआ।
इस घटना के करीब 15 घंटे बाद विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र पाल और सहायक अभियंता उमेश कुमार दुबे ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। सत्येंद्र पाल ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद नियम अनुसार मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही राशि सुपुर्द की जाएगी और पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।
थानाधिकारी ने ओम सिंह चुंडावत ने बताया- घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
