फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स से रहें सावधान-पुलिस

Update: 2025-06-25 18:03 GMT

 फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स से रहें सावधान-पुलिस

 राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने साइबर अपराधियों के फर्जी शेयर ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स के जरिए धोखाधड़ी करने के नये जाल के प्रति आमजन को सावधान रहने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे ये जालसाज भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार ने बुधवार को बताया कि सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए पीड़ितों को इन फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स पर गेम खेलने या निवेश करने के लिए उकसाते हैं। शुरुआत में गेमिंग ऐप्स पर नए व्यक्तियों को जीत दिलाई जाती है और उन्हें पैसे भी मिलते हैं। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ता है। कुछ दिनों बाद पीड़ितों को इन्हीं गेमिंग ऐप्स के जरिए लगातार हार का सामना करना पड़ता है और वे अपनी सारी कमाई साइबर अपराधियों के हाथों गंवा देते हैं वहीं फर्जी वेबसाइट्स विदेशी मुद्रा व्यापार और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भी लोगों को फंसाया जा रहा हैं।

पहले जीत, फिर हार' का शातिर पैटर्न: उन्होंने बताया कि शुरुआत में जीत के बाद पीड़ितों को इन गेमिंग एप के जरिए लगातार हार का सामना करना पड़ता है. गेमिंग एप और वेबसाइट के चक्कर में वे अपनी सारी कमाई साइबर अपराधियों के हाथों गंवा देते हैं. उन्होंने बताया कि फर्जी वेबसाइट्स विदेशी मुद्रा व्यापार और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भी लोगों को फंसा रही हैं.

 

छोटे निवेश पर दिखाते हैं बड़ा रिटर्न: उन्होंने बताया कि साइबर ठग शुरुआत में पीड़ितों से छोटी राशि का निवेश करवाते हैं और उन्हें कुछ समय के लिए अच्छा रिटर्न दिखाते हैं. पीड़ित यह जांचने के लिए पैसे निकालते भी हैं कि निकासी हो रही है या नहीं. एक या दो बार सफल निकासी के बाद पीड़ितों को पूरा भरोसा हो जाता है कि यह एप या वेबसाइट सही है. इसके बाद वे बड़ी रकम का निवेश करते हैं.

 

टैक्स और चार्ज के नाम पर फंसा देते रकम: बड़ी रकम निवेश करने के बाद पीड़ितों का पैसा अटक जाता है. जब वे रकम निकालने की कोशिश करते हैं, तो उनसे विदेशी सरकार के टैक्स या अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं. फंसे हुए पैसे को निकालने के प्रयास में पीड़ित और रुपए देते रहते हैं और इस तरह वे बड़ी साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं.

यह सावधानी अपनाकर बच सकते हैं जाल से:

किसी भी ऐसे एप या वेबसाइट पर गेमिंग से बचना चाहिए जो पंजीकृत नहीं हो.

अत्यधिक रिटर्न का वादा करने वाले एप या वेबसाइट्स में निवेश करने से बचना चाहिए.

जहां तक हो सके ऑनलाइन गेम खेलने से भी बचना चाहिए.

इस तरह की साइबर ठगी का शिकार होने पर या धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए.

साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल

https://cybercrime.gov.in

पर या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें.

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