साहित्य

गणतंत्र दिवस है न्यारा...!
तुम कितनी थी करीब...!
कहॉ लगाऊ प्रश्नचिन्ह...?
इश्क में नाकाम हुआ...?
अब न रही सुरक्षित अस्थियां...?
कर लो नेकी, देखा-देखी
कुम्भ: सत्य सनातन ज्योति प्रज्वलित!
अब परीक्षा किसकी...?
करो पर्यावरण संरक्षण..
सांस तेरी-मेरी चल रही...!
सांस तेरी-मेरी चल रही...!
पतंग -कुछ दोहे